हिंदी संस्करण [(Hindi Version)]
【इंट्रो | Intro】
[(ढोल की तेज़ आवाज़, भीड़ का नारा: “क्रांति! क्रांति!”)]
【पहला पद | Verse 1】
उन्होंने दीवारें खड़ी कीं, हमने उन्हें तोड़ डाला
अंधेरे में एक चिंगारी, जो दिल में आग लगा दे
हवा में फैले झूठ, ज़हन पर पड़ी ज़ंजीरें
मगर आज़ादी की आग कभी क़ैद नहीं हो सकती
【प्री-कोरस | Pre-Chorus】
हम हैं उन लोगों की आवाज़ जिनकी कोई नहीं सुनता
हम हैं वो तूफ़ान जिसे रोका नहीं जा सकता
हर आँसू, हर घाव
हमारी रगों में शक्ति बनकर दौड़ता है
【कोरस | Chorus】
विवा ला रेवोल्यूशन!
अपनी मुट्ठियाँ उठाओ, भ्रम को तोड़ डालो!
हम राख से फिर जन्म लेंगे
हमारी आँखों में न्याय की ज्वाला है
विवा ला रेवोल्यूशन!
अब डर नहीं, अब भ्रम नहीं
यह है वो क्षण — यह है वो आवाज़:
हम एकजुट होकर सब कुछ गिरा देंगे!
【दूसरा पद | Verse 2】
उन्होंने हमारी सच्चाई को गीतों में दबाना चाहा
लेकिन जनता की धड़कन कभी नहीं रुकती
सड़कें हैं हमारा मंच, और दुनिया है हमारी आवाज़
हम भविष्य के लिए लड़ते हैं — चुनाव हमारा है
【ब्रिज | Bridge】
न सीमाएँ, न देश — सिर्फ़ आग में एकता
एक नया जन्मा हुआ संसार — हम अब उनके खेल का हिस्सा नहीं
संघर्ष और पीड़ा के बीच भी आत्मा ज़िंदा है
हम उस दिन तक लड़ते रहेंगे जब आज़ादी आएगी
【कोरस दोहराव | Chorus Repeat】
विवा ला रेवोल्यूशन!
अपनी मुट्ठियाँ उठाओ, भ्रम को तोड़ डालो!
हम राख से फिर जन्म लेंगे
हमारी आँखों में न्याय की ज्वाला है
विवा ला रेवोल्यूशन!
अब डर नहीं, अब भ्रम नहीं
यह है वो क्षण — यह है वो आवाज़:
हम एकजुट होकर सब कुछ गिरा देंगे!
【आउट्रो | Outro】
क्रांति… क्रांति…
हमारी आवाज़ें बुलंद हैं, ज़ंजीरें अब टूट चुकी हैं
विवा ला रेवोल्यूशन!
लड़ाई अब भी जारी है…