[Verse]
महादेव की गाथा गाएं
उनके चरणों में शीश झुकाएं
त्रिशूल उठाए जो हर संकट हरते
भोलेनाथ की महिमा का अद्भुत अर्थ पड़े
[Chorus]
जय हो भोले शंकर जय शिव शंभु
हर हर महादेव हृदय से गुंजू
डमरू की गूंज में संसार बसे
महाकाल की शक्ति से अंधकार हटे
[Verse 2]
गणों के जनक का नाम हम बोलें
कण-कण में महादेव का स्वर झलके
जटाओं में गंगा की धारा बहती
शिव के प्यार से ही धरती सजती
[Bridge]
ओ जो नाचें तांडव में भव को हरें
जो रुद्र रूप में हर विध्न टलें
हर भक्त का दुःख वो हर पल हरते
महादेव की कृपा से अमृत बरसते
[Chorus]
जय हो भोले शंकर जय शिव शंभु
हर हर महादेव हृदय से गुंजू
डमरू की गूंज में संसार बसे
महाकाल की शक्ति से अंधकार हटे
[Verse 3]
नीलकंठ का रूप अघोरी मनभागे
सर्पों का हार जो कर में उठाए
वे हैं अभय वे हैं अनंत
शिव की मूरत में ब्रह्म का वंद